I.P.C. True Meaning of the Stream । I.P.C. अनुभागों का सही अर्थ

(I.P.C. True Meaning of the Stream) I.P.C. अनुभागों का सही अर्थ, (List of legal streams) कानूनी धाराओं की सूची, (What type of legal clause is there?) किस प्रकार की कानूनी धारा है? (What is the correct meaning of Indian Penal Code?) भारतीय दंड संहिता का सही अर्थ क्या है?, I.P.C. True Meaning.

I.P.C. True Meaning of the Stream । I.P.C. अनुभागों का सही अर्थ

I.P.C. अनुभागों का सही अर्थ

IPC का मतलब इंडियन पैनल कोड (Indian Penal Code) होता है. दोस्तों, IPC का संरक्षण 1860 में लॉर्ड मेकल द्वारा किया गया था, IPC का मुख्य उद्देश्य भारत में एक कानूनी शासन बनाए रखना है, अपराधियों को उनके अपराध के मद्देनजर IPC धारा के अनुसार दंडित करना और उनकी रक्षा करते हुए मानव जाति की सुरक्षा करना. 

दोस्तों, IPC की कुल 511 धाराएँ हैं, लेकिन जम्मू और कश्मीर को छोड़कर, यह देश के सभी हिस्सों में लागू है. तो दोस्तों चलिए जानते हैं कि IPC की कौन सी धाराएँ हैं और क्या हैं उनके सही अर्थ.

I.P.C. True Meaning

  • 307 = दोस्तों, अगर कोई हत्या करता है या हत्या की कोशिश करता है तो उसे धारा 307 के तहत दंडित किया जाता है.
  • 302 = दोस्तों अगर कोई किसी की हत्या / खून कर देता है तो उसको धारा 302 के तहत सजा दी जाती है.
  • 302 = फांसी की सजा होती है.
  • 376 = दोस्तों अगर कोई किसी लड़की का बलात्कार करता है तो उसे धारा 376 के तहत सजा दी जाती है.
  • 395 = दोस्तों को डकैती के लिए धारा 395 के तहत दंडित किया जाता है.
  • 377 = अगर कोई लड़की या लड़का प्रकृति के खिलाफ संभोग करता है, तो आई.पी.सी. धारा 377 के तहत सजा.
  • 396 = दोस्तों, अगर कोई किसी को डकैती के साथ मारता है, तो उसे धारा 396 के तहत दंडित किया जाता है.
  • 120 = दोस्तों, अगर कोई किसी के खिलाफ साजिश करता है, तो धारा 120 के तहत सजा दी जाती है. धारा 120 उन लोगों के लिए है जिन्होंने साजिश की.
  • 365 = यदि कोई किसी का अपहरण करता है, तो आरोपी को धारा 365 के तहत दंडित किया जाता है. अपहरण के लिए 365 लागू किया गया है.
  • 201 = यदि कोई अपराध करके सबूतों को मिटाने की कोशिश करता है, तो आरोपी को आईपीसी की धारा 201 के तहत दंडित किया जाता है. धारा 201 अपराध के सबूतों को हटाने पर लगाया गया है.
  • 412 = अगर कोई किसी से छीनाझपटी करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे धारा 412 के तहत दंडित किया जाता है.
  • 378 = चोरी करने वाले आरोपी को धारा 378 के तहत दंडित किया जाता है.
  • 141 = अगर 5 या फिर उस से ज्यादा वेक्ति किसी एक को नुकसान देते है तो उनके लिए 141 कलम लगाई जाती है यानि धारा 141 के तहतदंडित किया जाता है.

I.P.C. True Meaning of the Stream

  • 300 = दोस्तों, अगर कोई हत्या करता है, तो ऐसे आरोपियों को आईपीसी की धारा 300 के तहत सजा सुनाई जाती है। दोस्तों धारा 300 हत्या के आरोपी के लिए है.
  • 309 = दोस्तों, अगर कोई आत्महत्या करने की कोशिश करता है, तो उसे धारा 309 के तहत दंडित किया जाता है. आत्महत्या करना एक क़ानूनी जुर्म है, जिसे दंडित भी किया जा सकता है.
  • 310 = अगर कोई किसी को धोखा देता है, तो उसे धारा 310 के तहत दंडित किया जाता है. किसी लड़की को प्यार में धोखा देना या उसे छोड़ देना कानून अपराध है.
  • 312 = दोस्तों, अगर कोई गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे को मारता है, तो उसे धारा 312 के तहत दंडित किया जाता है.

उदा. यदि कोई गर्भ में लड़का या लड़की के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद गर्भ में बच्चे को मारता है, तो उसे 312 की सजा दी जाती है. दोस्तों, ध्यान रखें कि गर्भ में लड़का या लड़की के बारे में जानकारी प्राप्त करना भी एक कानूनी अपराध है.

I.P.C. True Meaning
  • 351 = दोस्तों, अगर कोई किसी पर हमला करता है, तो ऐसे आरोपी को धारा 351 के तहत सजा दी जाती है. एक हमलावर को 351 के तहत सजा दी जाती है.
  • 354 = अगर कोई महिला के प्रति अपमानजनक है, यानी वह उसे बदनाम करती है, तो ऐसे आरोपी को धारा 354 के तहत सजा सुनाई जाती है. किसी महिला को बदनाम करने के जुर्म में जुर्माना 354 के तहत दंडित किया जाता है.
  • 362 = दोस्तों, अगर कोई किसी का अपहरण करता है तो धारा 362 के तहत सजा सुनाई जाती है। जिस अपराधी पर अपहरण का आरोप लगाया जाता है उसे धारा 362 के तहत सजा सुनाई जाती है.
  • 415 = दोस्तों अगर कोई किसी वेक्ति से या फिर कसी महिला से छल करता है तो उसे धारा 415 के तहत सजा सुनाई जाती है. उदा. किसी महिला को धोका देना, किसी की जमीन को धोके से अपना बनाना और भी ऐसे कई गैरकानूनी अपराधों के लिए धारा 415 के तहत सजा सुनाई जाती है.
  • 494 = दोस्तों, यदि कोई जीवनसाथी के जीवनकाल में पुनर्विवाह करता है, तो ऐसे अपराधों के लिए धारा 494 लगाई जाती है. कोई भी महिला या पुरुष अपने जीवनसाथी होने के बावजूद दूसरी शादी नहीं कर सकता, ऐसा करना कानून अपराध है.
  • 499 = दोस्तों, हम मानहानि का दावा तभी कर सकते हैं जब किसी ने हमें आरोपित आरोप में फंसाया है और हम उस आरोप के निर्दोष हैं, तो हम धारा 499 के तहत मानहानि का दावा कर सकते हैं. यदि हमारे पास एक बड़ा पुलिसकर्मी है और हम उस आरोप से बेगुनाह हैं, तो हम उस पुलिसकर्मी पर भी मानहानि का दावा कर सकते हैं.
  • 511 = आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने का प्रयास.
कानून के कुछ हक़ीकते : I.P.C. True Meaning

दोस्तों हमारेे देश में कानूनन कुछ ऐसी हकीक़तें है, जिसकी जानकारी हमारे पास नहीं होने के कारण हम अपने अधिकार से मेहरूम रह जाते है और हम आगे वाला दबाने के कोशिश करता है अगर हमें भी कानून मालूम है तो हम भी अपने अधिकार के लिए लड़ सकते है। दोस्तों ऐसे ही कुछ जानकारी हम आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से देंगे.

आनेवाले समय में आपके बहुत काम आ सकती है जिस में हम आपको पांच ऐसे जानकारी देंगे की आपके आनेवाले जीवन में काम आ सकती है तो चलिए जानते है ऐसे ही कुछ पांच रोचक जानकारी आपको देते है, जो जीवन में कभी भी उपयोगी हो सकती है.

  • शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकती.
  • सिलेंडर फटने से जान-माल के नुकसान पर 40 लाख रूपये तक का बीमा कवर क्लेम कर सकते है.
  • कोई भी हॉटेल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों ना  आप फ्री में पानी पी सकते है और वाश रूम इस्तमाल कर सकते है.
  • गर्भवती महिलाओं को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता.
  • पुलिस अफसर आपकी शिकायत लिखने से मना नहीं कर सकता.
संहिता का सही अर्थ

शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकती : कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर चाहे गुनाह कितना भी संगीन क्यों ना हो. अगर पुलिस ऐसा करते हुए पाई जाती है तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत (मामला) दर्ज की जा सकती है. इससे उस पुलिस अधिकारी की नौकरी खतरे में आ सकती है.

सिलेंडर फटने से जान-माल के नुकसान पर 40 लाख रूपये तक का बीमा कवर क्लेम कर सकते है : पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत अगर किसी कारण आपके घर में सिलेंडर फट जाता है और आपको जान-माल का नुकसान झेलना पड़ता है तो आप तुरंत गैस कंपनी से बीमा कवर क्लेम कर सकते है. आपको बता दे कि गैस कंपनी से 40 लाख रूपये तक का बीमा क्लेम कराया जा सकता है. अगर कंपनी आपका क्लेम देने से मना करती है या टालती है तो इसकी शिकायत की जा सकती है. दोषी पाये जाने पर गैस कंपनी का लायसेंस रद्द हो सकता है.

कोई भी हॉटेल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों ना हो… आप फ्री में पानी पी सकते है और वाश रूम इस्तमाल कर सकते है : इंडियन सीरीज एक्ट, 1887 के अनुसार आप देश के किसी भी हॉटेल में जाकर पानी मांगकर पी सकते है और उस हॉटल का वाश रूम भी इस्तमाल कर सकते है. हॉटेल छोटा हो या 5 स्टार, वो आपको रोक नही सकते. अगर हॉटेल का मालिक या कोई कर्मचारी आपको पानी पिलाने से या वाश रूम इस्तमाल करने से रोकता है तो आप उन पर कारवाई कर सकते है. आपकी शिकायत से उस हॉटेल का लायसेंस रद्द हो सकता है.

Some facts of the law : I.P.C. True Meaning

गर्भवती महिलाओं को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता : मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 के मुताबिक़ गर्भवती महिलाओं को अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता. मालिक को पहले तीन महीने की नोटिस देनी होगी और प्रेगनेंसी के दौरान लगने वाले खर्चे का कुछ हिस्सा देना होगा. अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सरकारी रोज़गार संघटना में शिकायत कराई जा सकती है. इस शिकायत से कंपनी बंद हो सकती है या कंपनी को जुर्माना भरना पड़ सकता है.

पुलिस अफसर आपकी शिकायत लिखने से मना नहीं कर सकता : आईपीसी के सेक्शन 166ए के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी कोई भी शिकायत दर्ज करने से इंकार नही कर सकता. अगर वो ऐसा करता है तो उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. अगर वो पुलिस अफसर दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम (6) महीने से लेकर 1 साल तक की जेल हो सकती है या फिर उसे अपनी नौकरी गवानी पड़ सकती है.

Note :

दोस्तों यह वो जानकारी है जो देश के कानून के अंतर्गत आते तो है पर हम इनसे अंजान है. हमारी कोशिश होगी कि हम आगे भी ऐसी बहोत सी रोचक बाते आपके सामने रखेंगे जो आपके जीवन में उपयोगी हो. दोस्तों हमें यकीन है जी आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होंगी दोस्तों अगर आपको कोई भी परेशानी हो या फिर आर्टिकल में आपको कोई जानकारी समज नहीं आई हो तो हमे कमेंट कर के जरूर बताए हम आपकी पूरी तरह से मदत करने के कोशिश करेंगे.

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