Love story of Bhavna and Rahul | भावना और राहुल की प्रेम कहानी

नमस्कार दोस्तों बर्वे टिप्स में आपका स्वागत है, आपने बहुत सी प्रेम कहानी पढ़ी होगी लेकिन यह कहानी एक वास्तविक जीवन पर आधारित है. जिसमे हम आपको भावना और राहुल के प्रेम कहानी की सच्चाई के बारे में बताएँगे तो चलिए सुरुवात करते है Love story of Bhavna and Rahul.

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Love story of Bhavna and Rahul | भावना और राहुल की प्रेम कहानी

प्रस्तावना : Preface

दोस्तों यह कहानी है भवना और राहुल की, दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे और एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते थे. लेकिन दोस्तों, इन दोनों की प्रेम कहानी अधूरी रह गई और भावना ने खुद अपनी जान ले ली, हम आपको इस कहानी के माध्यम से बताएंगे कि दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ था, जो भावना को खुद की जान लेनी पड़ी, तो चलिए जानते हैं.

पारिवारिक जीवन :

भावना और राहुल एक दूसरे से चार साल से प्यार करते हैं वे एक-दूसरे को बहुत अच्छे से समझते हैं. राहुल का परिवार भी उनके प्यार के बारे में जानता था, लेकीन राहुल के पिता भावना को पसंद नही करते थे. राहुल के पिता को उच्च रक्तचाप यांनी ब्लड प्रेशर कि शिकायत थी, एक दिन जब राहुल के घर पर कोई नहीं था.

अचानक राहुल के पिता को जोरो से दिल का दौरा पड़ा, सौभाग्य से उस समय भावना वहां राहुल के घर पोहोच गई, ओर उसके पिता कि हालत देख कर थोडासा घबरा गई भावना ने घबराते हुए तुरंत राहुल को फोने किया और राहुल के पिता की हालत के बारे में बताने लगी उसी समय राहुल के पिता दर्द के कारण जोर जोर से चील्लाने लगे उनकी चीख से डरकर भावना के हाथो से मोबाइल नीचे गिर गया भावना का मोबाईल निचे गिरने की वजहसे राहुल अपने पिता के बारे मे नही जान पा रहा था ओर जल्द से जल्द घर पोहचने की कोशिश में लग गया.

Family life

लेकीन राहुल जब तक घर पोहोचता तब तक बहुत देर हो चुकी थी जब वह घर पोहचा तब तक उनके पिता की मृत्यु हो चुकी थी ओर काफी लोग जमा हो चुके थे पड़ोसी, राहुल कि माँ और भावना भी वहाँ थी, राहुल को अपने पिता कि मृत्यु का बोहत बडा सदमा लग गया था कुछ समय बाद राहुल के पिता का अंतिम संस्कार किया गया.

कुछ दिनों में ही भावना का राहुल से मिलना पुरी तरह से कम हो गया भावना का राहुल के प्रति नजरिया बदल गया था, और एक दिन भावना राहुल के पास आई और बोली, मैं अब तुम्हें नहीं देख पाऊंगी और तुम मुझसे मिलने की कोशिश भी मत करणा मुझे किसी ओर से प्यार हो गया है, और हमारी बोहत जल्द ही शादी होने वाली है.

Love story of Bhavna and Rahul :

ऐसा बोलते समय भावना कि आँखों में एक अलग भाव था मानो की वह जुट बोल रही हो, लेकीन राहुल को नहीं पता था कि वह ऐसा क्यों कह रही है लेकीन उसके इन शब्दों ने राहुल की पुरी दुनिया को ही नष्ट कर दी थी. युही अचानक से चार साल का रिश्ता एक जटके में टूट गया इस वजहसे राहुल का मन बोहत ही दुखी हो गया भावना के जाने के बाद वह उसके परछाई की तरफ आखो में आंसू लिए अकेला ही देखता रहा, कुछ दिनों बाद वह भावना से नफ़रत करने लगा.

उसके दिए हुए सभी उपहार (गिफ्ट) को जलाने लगा, भावना को हमेशा के लिए भूलने की कोशिश करने लगा, उसकी यादो को अपने दिल से निकालने लगा और फिर एक दिन राहुल ने भावना की यादो को अपने दिल के एक कोने में दबाकर वो अपने काम में वेस्त हो गया। छोटी छोटी बातो में राहुल खुशी धुंडने लगा ऐसे ही कुछ महीने गुजर गए फिर एक दिन राहुल अपना मोबाइल छेड़ था।ऐसे ही वो अपनी पुराणी कॉल रिकॉर्डिंग सुन रहा था लेकिन अब राहुल एक सफल व्यवसायी बन गया था.

मोबाइल पर पुरानी कॉल रिकॉर्डिंग सुनते सुनते उसे भावना की कॉल की रिकॉर्डिंग मिली वह रिकॉडिंग जब उसके पिता की मृत्यु हुई थी तब की वह रिकॉडिंग थी, वह रिकॉडिंग सुनने के बाद वह एकदम से चोक गया क्यू की जब भावना की हाथो से मोबाइल निचे गिरा था तब वह मोबाइल चालू ही था और उसमे साफ सुनाई दे रहा था की राहुल के पिता ने भावना को राहुल से दूर जाने का वचन लिया था.

राहुल को अपनी गलती का एहसास : Rahul realizes his mistake

यह सुनकर राहुल को अपनी गलती का ऐसास हुआ और वह उठकर भावना के घर की और निकला, पर भावना के घर पोहचकर देखा तो भावना के घर पर ताला लगा हुआ था. पास गुजरने वाले एक वेक्ति से राहुल ने पूछा तो उस वेक्ति ने बताया की उस लडकी ने कुछ महीने पहिले ही इस घर में फ़ासी लगाकर अपनी जान दे दी थी.

और पुलिस को भी उसकी आत्महत्या का कारन समजमे नही आया लेकिन उस लडकी ने अपने जीवन से परेसान होकर खुद को फ़ासी लगा लि थी. यह सुनकर राहुल को बोहत बडा धक्का लगा और रोते रोते भावना के दरवाजे पर बैठ गया उसने दिये हुए बलिदान से राहुल अनजान था और फिर उसकी याद में राहुल भावना के दरवाजे पर बैठ कर जोर जोर से रोने लगा.

Note : नोट 

दोस्तों, हर चीज के दो पहलू होते हैं, हमें उन दोनों पहलुओं को समझना होगा. दोस्तों, भावना और राहुल कभी अलग नहीं होते अगर राहुल ने यह पता लगाने की कोशिश की होती कि भावना ऐसा क्यों कह रही है. अगर पता लगा लिए होता तो आज दोनों खुशी-खुशी अपना जीवन बिता रहे होते. दोस्तों, अगर कभी आप लोगों के साथ ऐसा होता है, तो पूरी बात जाने बिना कोई फैसला न लें वरना आपको जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

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