Never trust these 7 people written in texts | इन 7 लोगों पर कभी भरोसा न करें

नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है आज हम (Never trust these 7 people written in texts) ग्रंथों में लिखे इन 7 लोगों पर कभी भरोसा न करें, किन लोगो पर भरोसा करना चाहिए, विश्वाश क्या है, Never trust these people written in texts, यह सभी जानकारी हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से देंगे तो चलिए जानते है.
Never trust these 7 people written in texts | इन 7 लोगों पर कभी भरोसा न करें

Never trust these people written in texts

हम अपने शास्त्रों और संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं. फिल्मों और काल्पनिक चित्रणों के अधीन, हम सही और गलत का पता लगाने से चूक रहे हैं, जिसके कारण हमें जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कहा जाता है मनुष्य जैसा सोचता है, उसके साथ वैसा ही होता है. इसलिए हमें अच्छी सोच रखने की बात कही जाती है. Never trust these people written in texts.
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ग्रंथों में ऐसे 7 लोगों के बारे में बताया गया है, जिन पर यदि हम भरोसा न रखें या जिनके काम पर शंका करें, तो हमें पॉजिटिव रिजल्ट कभी नहीं मिलता. ये 7 लोग चाहे कितनी ही ईमानदारी से अपना काम क्यों न करें, लेकिन हमे अपनी सोच के अनुसार ही फल मिलता है.

ग्रंथों में लिखे 7 लोग

  • लालच या लोभ की भावना रखने वाला.
  • द्वेष या जलन की भावना रखने वाला.
  • दूसरों का दुख देखकर सुखी होने वाला.
  • पराई स्त्री पर मन रखने वाला.
  • छल-कपट करने वाला.
  • अहंकारी व्यक्ति.
  • नास्तिक.

Never trust these 7 people 

लालच या लोभ की भावना रखने वाला:
लालच इंसानों का सबसे बड़ा दुश्मन है. लालची आदमी किसी पर भरोसा नहीं कर पाता है. लालची मनुष्य अपने फायदे के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं.  ऐसे लोग धर्म या अधर्म के बारे में नहीं सोचते हैं.  ये लोग अपने मतलब को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और आपको परेशान भी कर सकते हैं. इसलिए सभी को लोभी या लालची मनुष्यों से दूर रहना चाहिए.
द्वेष या जलन की भावना रखने वाला:
जो मनुष्य दूसरों के प्रति अपने मन में जलन या द्वेष की भावना रखता है, वह निश्चित ही छल-कपट करने वाला, पापी, धोखा देने वाला होता है. वह दूसरों के नीचा दिखाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. जलन और द्वेष भावना रखने वाले के लिए सही-गलत के कोई पैमाने नहीं होते हैं. ऐसे व्यक्ति पर विश्वास करना आपके लिए बहुत बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है.

दूसरों का दुख देखकर सुखी होने वाला:

ऐसे कई लोग होते हैं, जिन्हें दूसरों को परेशानी में या दुःखी देखकर सुख का अनुभव होता है. ऐसे लोग महादुष्ट माने गए हैं. इस तरह के लोग हर समय दूसरों के दुःख पहुंचाने या मुसीबत खड़ी करने के बारे में सोचते रहते हैं. ऐसे लोग खुद तो परेशानी में फंसते ही हैं, साथ-साथ आपके लिए भी परेशानी का कारण बन सकते हैं. इन पर और इनकी बातों पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए.

पराई स्त्री पर मन रखने वाला:

जो मनुष्य पराई स्त्रियों पर मन रखने वाला होता है, वह हर समय उनके आगे-पीछे घूमता रहता है. ऐसा इंसान किसी भी समय स्त्री के साथ बुरा व्यवहार कर जाता है. ऐसे व्यक्ति के मन में बुरी भावनाएं उत्पन्न होती रहती हैं. वह अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए किसी भी हद कर जा सकता है और कई बार तो अपराधी तक बन जाता है. ऐसे लोग चरित्रहीन होते हैं, उन पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए.

छल-कपट करने वाला:

छल-कपट की भावना कई लोगों के मन में रहती है. ऐसे लोग लालची और मतलबी होते है. कपटी इंसान अपना मतलब पूरा करने के लिए किसी के साथ कोई भी गलत काम करने में एक पल भी नहीं हिचकिचाते. ऐसे लोगों के मन किसी के भी प्रति न तो अपनेपन की भावना होती है न ही प्रेम की, वे बस छल-कपट करके अपना हर काम पूरा करने में विश्वास रखते हैं. ऐसे आदमी की बातों पर या उस पर कभी भरोसा न करें.

अहंकारी व्यक्ति:

सामाजिक जीवन में सभी के लिए कुछ सीमाएं होती हैं. हर व्यक्ति को उन सीमाओं का हमेशा पालन करना चाहिए, लेकिन अहंकारी व्यक्ति की कोई सीमा नहीं होती, अंहकार में मनुष्य को अच्छे-बुरे किसी का भी होश नहीं रहता है. अहंकार के कारण इंसान कभी दूसरों की सलाह नहीं मानता और अपनी गलती स्वीकार नहीं करता. ऐसा व्यक्ति अपने परिवार और दोस्तों को दुख देने वाला होता है, उस पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए.

नास्तिक:

कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो भगवान और धर्म में आस्था नहीं रखते, जिन्हें ना तो धर्म-ज्ञान से कोई मतलब होता है, ना ही देव भक्ति से, ऐसा व्यक्ति धर्म और शास्त्रों में विश्वास ना होने की वजह से अधर्मी और पापी होता है. झूठ बोलना, बुरा व्यवहार करना आदि उसका स्वभाव बन जाता है. वह खुद का जीवन तो नरक के समान बनाता ही है, साथ ही उससे संबंध रखने वालों का व्यवहार भी अपने समान कर देता है. ऐसे मनुष्य से हमेशा दूर ही रहना चाहिए.

विश्वास क्या है? – What is faith?

विश्वास एक वांछनीय गुण है और इस पुस्तक में हम जिन पुरुषों और महिलाओं का अध्ययन करेंगे, उन सभी ने इस गुणवत्ता को बहुत कीमती माना, लेकिन आज बहुत से लोग विश्वास के बारे में नहीं समझते हैं क्योंकि उनका मानना ​​है कि विश्वास का मतलब किसी चीज़ को सच मान लेना है, भले ही इसका कोई सबूत न हो. लेकिन विश्वास का मतलब किसी चीज़ पर आँख बंद करके विश्वास करना नहीं है, क्योंकि ऐसा करना खतरनाक है. न ही विश्वास सिर्फ एक भावना है जो मन में उठती है, क्योंकि यह आसानी से गायब हो सकती है. और यह मानना ​​पर्याप्त नहीं है कि एक ईश्वर है, क्योंकि “यहां तक ​​कि बुरे स्वर्गदूत भी इसे मानते हैं और कांपते हैं”.

चाणक्य निति से सीखे

चाणक्य नीति के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति या मामले में अनिश्चितता की स्थिति है, तो उस पर भरोसा न करें. चाणक्य कहते हैं कि यदि कोई स्थिति अचानक आपके पक्ष में होती है या यदि सब कुछ आसान लगता है, तो आपको इसके पीछे के परिणामों के बारे में सोचना चाहिए. राज परिवार का मतलब है कि बुजुर्ग कभी-कभी सत्ता हासिल करने के लिए कुछ भी करते हैं.

जैसे-जैसे नदी और जंगली जानवर शांत दिखने के बावजूद अचानक अशांत हो जाते हैं, समस्या बढ़ जाती है. इसलिए सावधान रहें कि आप खुद को कैसे संभालते हैं.
चाणक्य नीति के इस श्लोक में, आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मानव को नदी, जंगली जानवरों, महिलाओं, हथियारों वाले लोगों और शाही परिवारों के लोगों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. उन पर भरोसा करना समस्या पैदा कर सकता है, लेकिन आचार्य चाणक्य का सुझाव है कि किसी को भी इन पर भरोसा करने से पहले किसी के विवेक का उपयोग करना चाहिए.
साथ ही महिलाओं के लिए यह भी कहा जाता है कि महिलाएं अपने मन की बात कभी किसी को बताने नहीं देती हैं. इसका मतलब है कि कई बार लोग अपने दिमाग को चेहरे पर नहीं आने देते हैं, इसलिए किसी भी चीज़ पर भरोसा करने से पहले, नकारात्मक और सकारात्मक दोनों पक्षों के बारे में सोचना चाहिए.
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