Real love story of a boy and girl | एक लड़के और लड़की की वास्तविक प्रेम कहानी

दोस्तों, यह सिर्फ एक कहानी नहीं है, यह मेरे वास्तविक जीवन से संबंधित है, जो मैं आपको कहानी के माध्यम से बताना चाहती हूँ दोस्तों आपका ज्यादा समय ना लेते हुए चलते है कहानी और तो चलिए सुरु करते है. Real love story of a boy and girl.

Real love story of a boy and girl | एक लड़के और लड़की की वास्तविक प्रेम कहानी

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प्रस्तावना – Preface

दोस्तों, जैसा कि मैंने अपने नाम का उल्लेख किया है, मैं गोंदिया महाराष्ट्र की रहने वाली हूं, यह उन दिनों की बात है, जब मैंने 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण की और प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था और मेरा कॉलेज शुरू हो गया था, लेकिन मेरा घर कॉलेज से बहुत दूर था, इसलिए मैं कॉलेज से देर से घर आती थी.

उस समय मेरे पास मोबाइल भी नहीं था, इसलिए घर के लोगों ने मुझे एक मोबाइल खरीद दिया, ताकि अगर मुझे कॉलेज से आने में देर हो जाए, तो मुझे अपने परिवार को बताने में आसानी होंगी की मुझे कॉलेज से आने में देर होगी या अगर कोई समस्या हुई तो मैं अपने घर पर फोन करके बता सकू, कुछ दिन ऐसे ही बीते, मैं घर से कॉलेज और कॉलेज से घर जाती थी.

जिसमें मुझे अपने मोबाइल को छेड़ने का समय नहीं मिल रहा था, फिर एक दिन मैं अपने मोबाइल पर गेम खेल रही थी, तो मैंने सोचा कि मैं भी अपनी एक फेसबुक ID बनाऊ और मैंने अपनी फेसबुक ID बना ली ID बनाते ही उसमे बहुत से फ्रेंड बन गए थे, जैसे कॉलेज और अन्य दोस्त, मुझे फेसबुक चलाना और दोस्तों से बात करना बहुत पसंद था.

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Real love story of a boy and girl

कॉलेज से आने के बाद मैं फेसबुक पर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से बात करती थी. फिर कुछ दिनों बाद, एक लड़के ने मुझे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और मैंने उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली, फिर उस लड़के ने मुझसे बात करना शुरू किया, धीरे-धीरे बातचीत शुरू हुई और बातचीत से पता चला कि लड़का तिरोडा का रहने वाला है जो गोंदिया से 30 किलोमीटर के अंतर पर है, और लड़के का नाम राकेश है.

राकेश से बात करते करते 1 महीना हो गुजर गया और हम बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे, राकेश और मेरा बहुत अच्छा टोनिंग हो गया था. शायद मुझे ऐसा लग रहा था कि वह मेरी ओर आकर्षित हो रहा है और मुझे पसंद करने लगा है लेकिन उसने मुझसे ऐसा कुछ नहीं कहा लेकिन मैं उसकी तरफ पूरी तरह से आकर्षित हो चुकी थी.

पहला प्रभाव – first impression 

दोस्तों उसने अब तक मुझे मेरा नंबर नहीं मांगा था और फिर एक दिन उसने मुझसे मेरा नंबर मांगा क्योंकि हम एक बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे, तो मैंने उस पर भरोसा कि और उसे अपना नंबर दे दी फिर उसी रात, राकेश ने मुझे फोन किया और मैंने राकेश से पहली बार फोन पर बात की.  उनका बात करने का अंदाज मुझे काफी हद तक पसंद आया था.

मुझे राकेश से बात करना बहुत अच्छा लगता था वह बात करते – करते अच्छी कॉमेडी भी कर लिया करते थे उनकी यही अदा मुझे बहुत पसंद थी जिससे मै अपना पूरा टेंशन भूल जाती थी लेकिन दोस्तों मुझे क्या पता था की कुछ दिनों में हमारा बात करना बंद हो जाएगा.

फिर मेरे कॉलेज के पेपर करीब आने लगे और धीरे-धीरे मैंने राकेश से बात करना कम कर दी फिर मैं भी अपने काम में व्यस्त हो गई और वह भी अपने काम में व्यस्त हो गए. हमने कुछ 6 महीनों तक एक दूसरे से बात नहीं की, इस बीच मेरा नंबर भी बदल गया और मैंने दूसरा नंबर ले लि थी, जिसका राकेश को पता नहीं था.

Expressing love – प्यार का इजहार

फिर अचानक 6 महीने बाद उसने मुझे फेसबुक पर Msg किया क्योंकि मेरा पहला नंबर बंद था, इसलिए मैंने उसे अपना दूसरा नंबर दे दी, फिर राकेश ने मुझे फोन किया और फिर एक बार हमने बात करना शुरू किया, हम काफी देर तक एक-दूसरे से बात करते रहते थे, इस तरह बातें करते हुए कुछ महीने बीत गए, दोस्तों सच बताऊं, मैं राकेश की और पूरी तरह आकर्षित हो चुकी थी या यूं कहें कि मुझे उससे प्यार हो गया था.

लेकिन कभी बोलने की हिम्मत नहीं की लेकिन दोस्तों, जैसे मै उनकी और आकर्षित थी, वह भी मेरी ओर आकर्षित हो चूका था फिर एक दिन उसने मुझे फोन किया और अपने प्यार का प्रस्ताव मेरे सामने रखा मैं पहले से ही उसकी ओर आकर्षित थी, मैं राकेश से मन ही मन प्यार करने लगी थी तो मैंने उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया तब से हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई.

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Conversation started again

दोस्तों हम अभी तक एक दूसरे से नहीं मिले थे हमने एक-दूसरे को केवल तस्वीरों में देखा था, क्योंकि हमने अभी तक मिलने का कोई फैसला नहीं किया था और न ही मैंने कभी उनसे मिलने के लिए कहा और न ही उन्होंने कभी मुझसे मिलने को कहा.

उन से बात करते हुए कुछ और महीने बीत गए फिर एक दिन मैंने ही उनसे मिलने को कहा लेकिन अपने ऑफिस के काम के वजहसे समय नहीं दे सकते थे तो उन्होंने कहा की २६ जनवरी को उनका ऑफिस बंद रहेगा तो उस दिन हम मिल सकते है.

फिर मैंने २६ जनवरी को मिलने के लिए हां बोल दी, मिलने का प्लान बनाया फिर जिसका मुजे था इंतजार वो घडी आ गई फर्स्ट टाइम मै उनसे मिलने जा रही थी लेकिन थोडा नर्वस फील हो रहा था इस लिए मैंने अपने छोटी बहन को साथ लेकर जाने का मन बना लिया उस दिन मै भी न्यू  ड्रेस पहने  के तैयार हुई और उन से मिलने के लिए निकल गई.

मिलने का प्लान 

हमारी मिलने की जगाह पहिले से ही तय थी तो मै और मेरी छोटी बहन वह पोहच गई, जब मैंने उन्हें पहिली बार देखा उनकी पर्स्नालिटी काफी अच्छी थी और दिखने में भी काफी अच्छे लग रहे थे मुझे ऐसा लग रहा था की उन्हें जोर से गले लगाऊ और यहा से जाने ही ना दू

लेकिन मैंने अपनी फीलिंग को काबू में रखा फिर हम दोनों साथ में बैठे और एक दूसरे से बाते करने लगे, मेरी छोटी बहन मेरे साथ थी तो मैंने उसे  इशारा कर के जाने को कहा और वह वहा से दूर चली गयी.

करीब 3 घंटे हमने एक दूसरे से बाते की, उनसे बाते कर के मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, ऐसा लग रहा था की राकेश के साथ यही बैठ के बाते करते रहु और यहां से इनको कही जाने ही ना दू, लेकिन ज्यादा समय तक मै भी घर के बहार नहीं रह सकती थी. समय होने के कारण हम वहा से अपने घर की और निकल गए और वो भी अपने घर की और चले गये,

लेकिन फिर भी मुजे उनसे मिलना अधुरा सा लग रहा था क्यू की मेरी छोटी बहन होने के कारन मै उसे गले नही लगा पाई थी. मैं अपने मन में उनके बारे में सोचने लगी थी, क्योंकि वह मुझे बहुत पसंद आने लगे थे, और दिन रात मै उनके ही बारे में सोचती रहती थी.

एक दूसरे से बात

एक दूसरे से बात करते – करते कब समय निकल जाता था यह हमें पता ही नहीं चलता था हम एक दूसरे के और पूरी तरह आकर्षित हो चुके थे इसी बिच मेरी एग्जाम सुरु होने वाली थी एक्ज़ाम के कारण उनसे बात करना भी कम होने लगा था हम ठीक से बात नहीं कर पा रहे थे और इसी बात को लेकर हमारे बिच झगड़ा हो गया और हमने एक दूसरे से बाते करना बंद कर दिया उनसे बिना बात किए मेरा मन कही नही लग रहा था.

मै परेसान हो गई थी, ऐसे ही कही महीने गुजर गए लेकिन इन दिनों एक दिन ऐसा नही गुजरा की मैंने उनके कॉल या mag की रहा नही देखि हो, मैंने उन्हें कॉल करने की भी कोशिश की पर उनका फोन नहीं लगता था शायद उन्होंने अपना नंबर बंद कर दिया था ऐसे ही कुछ महीने और बीत गए और दिवाली का समय आया

उन दिनों मेरी तबियत भी काफी ख़राब हो गई थी फिर एक दिन उन्होंने मुझे कॉल किया दोस्तों आपको क्या बताऊ उनका कॉल आते ही मै कितना खुश हुई और ख़ुशी ख़ुशी उनका फ़ोन रिसीव की और उनसे बात करने लगी इतने दिनों बाद उनकी आवाज सुनकर मै बोहत खुश हुई थी.

उनकी याद में 

मैंने उनसे पूछा इतने दिनों तक आपने मुझे कॉल क्यू नहीं किया और तो और जब मै आपको कॉल करती थी तो आपका नंबर बंद बताता था, तो उन्होंने बताया की उनको ऑफिस के काम के कारण बहार जाना पड़ गया था इस लिए वह कॉल नहीं कर पाए थे, बात करते करते उनको मेरी आवाज में कुछ बदलाव समज में आया तो उन्होंने मुझे मेरी तबियत के बारे में पूछा.

मैंने उन्हें अपनी तबियत के बारे में बताई, जैसे ही उन्हें मेरी तबियत के बारे में पता चला तो उसने मुझे मिलने के लिए फ़ोर्स किया लेकिन मेरी तबियत कुछ जादा ही ख़राब होने के कारण मै उससे मिलने नही जा सकती थी.

लेकिन मैंने कहा जब मेरी तबियत ठीक हो जाएँगी तो मै खुद आपसे मिलने आउंगी तो इस बात पे वो राजी हो गये और जल्दी ठीक होने को कहा. मैंने उनसे कहा की अब तो मुज़से बात करना बंद नहीं करोंगे ना, तो उन्होंने कहा अब कुछ भी हो जाय मै अब कभी भी आपसे बात करना बंद नहीं करूँगा.

फिर एक बार मिलने की चाह में

फिर एक बार हमारी बातो का सिलसिला सुरु हो गया. फिर उनसे ऐसे ही बात करते करते मेरी तबियत में कब सुधार आने लगा मुजे ही नही पता और कुछ दिनों बाद मै पूरी तरह से ठीक हो गई.

दोस्तों फिर हमने मिलने का प्लान बनाया और मै उससे मिलने उसके गाव चली गई मै बस स्टॉप पर उनकी रहा देख रही थी तो थोड़ी देर बाद वो अपने गाडी से बस स्टॉप आए, दोस्तों ये दूसरी बार था जब मैंने उनको देखि थी लेकिन पहिली बार से वे दूसरी बार जादा स्मार्ट लग रहे थे और मुझे अपनी और आकर्षित कर रहे थे फिर मै उनके गाडी पर बैठ गई,

और उनके साथ घुमने चली गई फिर हम चांदपुर घुमने चले गए चांदपुर वहा से ज्यादा दूर नहीं था हम जल्दी ही पोहच गए जैसे हम चांदपुर पोहचे तो मैंने उन्हें जोरो से गले लगाकर उन्हें आय लव यू कहा, फिर हमने वह बहुत इंजॉय किया उस दिन मै बोहत खुश थी क्यू की मै जिसे चाहती थी वह आज मेरे साथ था पूरा दिन उनके साथ बिताने के बाद शाम को उन्होंने मुजे मेरे घर के और छोड़ दिया.

आज तक हम साथ में है

तब से लेकर आज तक हम साथ में है और एक दुसरे का ख्याल अच्छे से रख रहे है और हमारे लव लाइफ में अभी कोई परेशानी नहीं है. दोस्तों स्टोरी यही ख़त्म नही होती इसका सेकंड पार्ट मै बहुत जल्द ही लिखूंगी की हमारी लव लाइफ कैसे चल रही है हम अभी तक साथ में है की नहीं यह सभी जानकारी के लिए आपको इस कहानी का दूसरा पार्ट आने तक इंतजार करना होंगा, दोस्तों मै जल्द ही आपके लिए इस कहानी का दूसरा पार्ट लेकर आउंगी.

Postscript – परिशिष्ट भाग

लेख का शीर्षक –  Real love story of a boy and girl part 1एक लड़के और लड़की की वास्तविक प्रेम कहानी भाग 1

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The tags – कॉलेज लव स्टोरी – धड़कते दिल की कहानी – बेवफा लव स्टोरी

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