The mean love story of the mean world | मतलबी दुनिया की मतलबी प्रेम कहानी

नमस्कार दोस्तों, हमारी साइट पर आपका स्वागत है दोस्तों, आज हम आपको (Matlabi Duniya Matlabi Pyar) मतलबी दुनिया मतलबी प्यार कहानी, (love story)प्रेमकथा, (Betrayal in love) प्यार में धोका यह जानकारी हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से देंगे तो चलिए  है मतलबी दुनिया की मतलबी प्रेम कहानी, The mean love story of the mean world.

The mean love story of the mean world | मतलबी दुनिया की मतलबी प्रेम कहानी

The mean love story of the mean world : 

कोई भी रिश्ता आपसी समझदारी पर चलता है, जिसमें किसी भी तरह के शोषण के लिए कोई जगह नहीं होती है, लेकिन प्यार के बंधन में अगर एक साथी एक दूसरे को धोखा देता है या ताने मारता है, तो दूसरे साथी लड़के / लड़कियां पूरी तरह से टूट जाते हैं. उन्हें समझ नहीं आता कि कोई उनकी भावनाओं के साथ कैसे खेल सकता है.

वह किसी ऐसे व्यक्ति के लिए पूरी तरह समर्पित है, जिसे वह प्यार करती है या करता है. ऐसी स्थिति में, शब्दों  भी वर्षों तक स्थायी होते हैं, ऐसा करते समय, वे धीरे-धीरे मानसिक अवसाद से घिरे होते हैं. यहां एक गंभीर समस्या पैदा हो सकती है लेकिन इससे पहले कि स्थिति बेकाबू हो जाए, हमें The mean love story of the mean world इससे निपटने का तरीका निकालना होगा.

What to think about : The mean love story of the mean world

  • भावनात्मक शोषण : Emotional abuse
  • शोषण के संकेत : Signs of exploitation
  • नियंत्रण का भ्रम : Illusion of control

भावनात्मक शोषण : Emotional abuse

भावनात्मक शोषण : कई बार शोषक व्यक्ति को इस बात का अहसास भी नहीं होता है कि वह एक ही व्यक्ति की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है, यह केवल पुरुषों और महिलाओं के बीच के रिश्ते में नहीं है, मनोवैज्ञानिक काउंसलर प्रकाश त्रिपाठी बताते हैं, कभी-कभी माता-पिता भी अपने बच्चों से अपनी बात मनवाने के लिए, वे भावनात्मक ब्लैकमेल का सहारा लेते हैं.

लेकिन यह उनका गलत इरादा नहीं है, वे सिर्फ अपने बच्चों का कल्याण चाहते हैं, इसलिए वे जानते हैं कि बच्चे के साथ उन्हें किस हद तक सख्त होना चाहिए, पति-पत्नी के रिश्ते में भावनात्मक ब्लैकमेल का उपयोग नहीं किया जाता है, जो कभी-कभी रिश्ता टूटने का कारन बन जाता है.

शोषण के संकेत : Signs of exploitation

शोषण के संकेत : यह आमतौर पर ऐसा होता है कि लड़कियों को बहला-फुसलाकर उनका यौन शोषण किया जाता है. लगातार छेड़खानी, मारपीट, ताने मारना, भावुक भावुकता में चिल्लाना, साथी को भावनात्मक रूप से दूर रखना.

कुछ भी नहीं करना, प्यार को समझना, शरीर की बनावट या रंग के बारे में गलत टिप्पणी करना, मजाक बनाना व्यक्तिगत हिंसा के आधार पर व्यक्तिगत बातें और जान से मारने की धमकी आदि ऐसा व्यवहार बन जाता है जो शारीरिक शोषण में बदल जाता है.

नियंत्रण का भ्रम : Illusion of control

नियंत्रण का भ्रम : गाली देने वाला हिंसक क्यों हो जाता है? इस बारे में प्रकाश कहते है कि जो लोग अंदर से बहुत कमजोर होते हैं, अपनी कमजोरी को छिपाने के लिए चिल्लाते हैं, इधर-उधर सामान फेंकते हैं, जैसे वे करते हैं.

यह केवल उनके चारों ओर भ्रम की एक वेब बनाता है, उन्हें लगता है, इसके पीछे एक कारण यह हो सकता है कि उन्हें अपने अधिकारों या आत्म-सम्मान का एहसास नहीं है. कभी-कभी लड़कियों की पारिवारिक स्थिति भी उनकी स्थिति के लिए जिम्मेदार होती है.

क्योंकि ज्यादातर भारतीय परिवारों में, शादी से पहले, लड़कियों को सिखाया जाता है कि ससुराल ही लड़की का असली घर है, चाहे उसे कितना भी दुःख और तकलीफ क्यों न हो, मुझे वही रहना है.

How to avoid it : The mean love story of the mean world

मानसिक शांति के लिए इस समस्या से बचना बहुत जरूरी है, क्योंकि लगातार भावनात्मक शोषण के कारण मनोवैज्ञानिक समस्याएं जैसे अवसाद, चिंता हो सकती हैं, इसलिए इन बातों का ध्यान रखा जाता है.

  • सकारात्मक सोच
  • बातचीत से निकले हल
  • दोस्तों, रिश्तेदारों से बात करे
  • खुद को कोसना छोडे
  • अन्मविस्वास को टूटने न दे
  • काउंसलर की मदत लें
  • इमोशनल ब्लैकमेलिंग
  • दिमागी सेहत के लाइट

Positive thinking : सकारात्मक सोच

सकारात्मक सोच : साइको लॉजिस्टिक की मानो तो भावनात्मक स्तर पर इस शोषण से मुक्त किया जा सकता है, बशर्ते आप इसके लिए अपने व्यवहार को बदलने के लिए तैयार हों, एक सीमा के बाद मानसिक स्तर पर होने वाले इस शोषण को रोकना आवश्यक है, न कि आपसी.

इस बारे में बात करते हुए कि क्या रिश्ते की मिठास कड़वी नहीं है, मनोवैज्ञानिक प्रकाश त्रिपाठी कहते हैं, मेरे पास एक मरीज थी जो अपने पति के व्यवहार से दुखी थी, मैं समझ नहीं पा रहा था कि इस स्थिति को कैसे बदला जाए या इस स्थिति को बदलने के लिए क्या किया जाए.

ऐसी स्थिति में, उसने मुझसे मदद मांगी, मैंने उसे सकारात्मक रहने के लिए कहा, तनाव मुक्त रहने के लिए, मैंने उसे अपने शौक पर ध्यान देने के लिए कहा, किताबें पढ़ने की शौकीन थी, लेकिन समय की कमी के कारण उसने किताबों से बाहर रहने का मन बना लिया था.

एक बार फिर जब वह किताबों की दुनिया में लौटी, तो उसे इस तरह से थोड़ा सुकून मिला और जो उसकी मानसिक समस्या थी, वह धीरे-धीरे कम हो रही थी और वह अवसाद से वापस आ गई थी.

Solution from conversation : बातचीत से निकाले हल

बातचीत से निकाले हल : आखिर क्यों इंसान आपके साथ ऐसा व्यवहार कर रहा है? इसके लिए, उससे बात करना और उसकी मानसिक स्थिति को जानने की कोशिश करना आवश्यक है, अक्सर ऐसे मामलों में वह आपसे बात करने के लिए तैयार नहीं होगा. यदि ऐसा होता है, तो शायद आप अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं.

Talk to friends and relatives : दोस्तों, रिश्तेदारों से बात करे

दोस्तों, रिश्तेदारों से बात करे : जब अकेले किसी समस्या का हल न निकले तब नजदीकी दोस्तों और परिवारवालो से बात करनी चाहिए, अकसर बातचीत से गंभीर मामलो का हल निकल जाता है.

आप अपने पति के दोस्तों के साथ बात करे और उनके जरिये आपके प्रति इस दुर्वेव्हार का कारण जानने की कोशिश करे एक बार समश्या की जड सामने आएगी तो हल भी निकल जाएगा, ऐसे मामले में अपने पति के माता-पिता और भैया-बहन सभी से चर्चा करे अपने बेटे औए भाई के इस व्यवहार की जानकारी उन्हें भी होनी चाहिए.

दोस्तों और रिश्तेदारों से बात कर के ही हर समस्या का समाधान ले सकते हो तो अपने दोस्तों से और अपने रिश्तेदारों से बात करते रहे और हर समस्या का समाधान पाते रहे.

Quit cursing yourself : खुद को कोसना छोडे

खुद को कोसना छोडे : ऐसे मामलो में कई बार शोषित होने वाला व्यक्ति खुद को कोसने लगता है, उसे लगता है की उसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार है, उसमे ऐसी कमिया है जिसके कारन उसे ऐसा अपमानजनक व्यवहार झेलना पडता है.

ऐसे मामलो में घरवालो के इमोशनल सपोर्ट की जरुरत होती है. जब घर वाले इमोशनल सपोर्ट करते है तब हम खुदको कोसना धीरे धीरे बंद कर देते है.

Do not let self-confidence break down : आत्मविश्वाश को टूटने न दे

आत्मविश्वाश को टूटने न दे : किसी भी हाल में आत्मबल को कमजोर न पडने दे, हाला की अत्याचार सहते-सहते मनोबल गिरने लगा है, फिर भी अपने आप पर भरोसा रखे, जिन कामो के लिए आपकी निंदा की जा रही है.

जैसे आपको बच्चे को सभलना नही आता इसका जवाब यह है की एक दिन काम कर जाए और स्थिति बदल जाए, ऐसे मामले में आपको थोडे सयम और खुद पर विस्वास बनाए रखने की जरुरत होती है. दोस्तों हमेशा खुद पर भरोषा रखे क्योकि भरोसे से ही आधी से ज्यादा परेशानी दूर हो जाती है.

Get counselor help : काउंसलर की मदत लें

काउंसलर की मदत लें : अपने रस्ते पर पहले आप हर शंभव कोशिश करे, जब खुद से मामला न संभले, तब काउंसलर की मदत लेने से न झिजके अगर आपके आसपास किसी के साथ ऐसी समस्या है तो उसे एक रोगी की तरह समझें, जिसे किसी डॉक्टर को मदत की जरुरत है.

शुरुआत में आपको उसे क्लिनिक तक लाने में थोड़ी परेशानी हो सकती है, वह इस बात की लिए हामी ही नही भरेगा लेकिन आपको हर हाल में किसी भी बहाने से उसे काउंसलर तक लाना है, काउंसलींर के जरिये उसकी सोच और व्यावहार में परिवर्तन आएंगा यहा आपकी जिम्मेदारी है.

इस बात का ध्यान रखें की वह डॉक्टर की हर बात को गंभीरतापूर्वक पालन करे, भावनात्मक रूप से जब कोई आहत होता है तो उसे समझपाना या उसे बतापाना ज्यादा कठिन होता है, एसी यातनाओ के लिए कानून की मदत भी नही लि जा सकती क्योंकि आपको अपनी बात को सच साबित करने की कोई प्रमाण नही होता.

Emotional blackmail : इमोशनल ब्लैकमेलिंग

इमोशनल ब्लैकमेलिंग : शारीर पर लगने वाली चोट कुछ दिनों में ठीक हो जाते है लेकिन मन पर लगे घाव जीवन में उथल-पुथल मचा देते है, स्त्रीयों का दिल नाजुक होता है इसलिए जब कोई उनकी भावनाओ से खिलवाड करता है तो वे इसे सहन नही कर पाती.

लडको के दो चेहरे होते है, वो अपना असली चेहरा नही दिखाता जो वो होता है वह बोलता कुछ और है होता कुछ और उनको बहलाना अछेसे आता है किसी को धमकी देना उससे अपनी बात मानाने अगर हम उनकी बात नामाने तो झगडा करना चिल्लाना, मरना, गुस्सा करना, अगर सीधे तरीके से उनकी बात मने तो अछे है वरना बहोत ही बुरे है.

उनके दिमाग हालत बहोत अलग होती है. उनको बात-बात पे शक करना, छोटीसी बातो को बढ़ाना, अगर हम किसी से बात करे तो वो कौन है फिर उनको कैसे जानती हो उसका और तुम्हारा क्या संबंद है, अगर वो हमारा फ्रेंड भी होंगा तो उनका ऐसा लगता है, की उसका और हमारा कोई रिश्ता होंगा.

Light of mind health : दिमागी सेहत के लाइट

दिमागी सेहत के लाइट : अमेरिका में युवाओ पर एक सर्वे किया गया है, उसमे 80 प्रतिशत छात्रों नें मन की प्यार में अकसर उनके पाटनर्स अब्युशिव हो जाते है. यह एक गंभीर मामला है ऐसे मामलो में उन्हें समज नही आता की उन्हें क्या करना चाहिए वे अपने माता – पिता से इस बारे में चर्चा नही कर सकते है.

कॉलेज में कुछ ऐसे काउंसिलिंग कैंप चलाने चाहिए जहा वे जाकर अपनी समस्या का हल जान सखे इस समस्या के पीछे का कारण भी जानने के कोशिस की गई जिसमे अब्युशिव होने वाले पाटनर्स ने बताया की उनके पहिले ब्रेकअप ने उनके मन में एसी कडवाहट को जन्म दिया की वे अपने नए पाट्नर की पुराने से तुलना करने लगे वो जब भी उस बारे में सोचते तो अग्रेसिव हो जाते और सामने वाले के गलती हो या न हो उससे अभद्रता कर बैठते है जिसका बाद में पछतावा भी नही होता.

तो दोस्तों इस तरह से आप इन सभी परेशानियों The mean love story of the mean world से बच सकते है. दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों में शेयर करना न भूले दोस्तों अगर आपको कोई भी परेशानी हो तो आप हमें कमेंट कर के बता सकते है हम आपकी पूरी मदत करने की कोशिश करेंगे.

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