The Right Way to Study | पढ़ाई करने का सही तरीका How to do proper study

नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है हमारी इस साईट पर दोस्तों आज हम आपको पढ़ाई करने के तरिके के बारे में बताएंगे. तो चलिए जानते है क्या है The Right Way to Study.

The Right Way to Study, How to do proper study, The best way to study, What is the best way to study, Have the right to study, The Right Way to Study.

The Right Way to Study :  

दोस्तो, आज की भागदौड भरी दुनियाँ में हर कोई परेशान है. कोई आर्थिक वजह से, कोई शारीरिक वजह से, कोई मानसिक तो कोई शैक्षणिक क्षेत्र मे परेशान है. प्राचिन काल से आज हर क्षेत्र मे विकास हुआ है, लेकीन फिर भी समाज के कुछ हिस्से मे आज भी विकास नही हुआ. शिक्षा क्षेत्र मे देखा जाये तो, बच्चे तो बच्चे माता-पिता भी परेशान है- पढे तो कैसे पढे और पढाए तो कैसे पढाए? The Right Way to Study .

The Right Way to Study | पढ़ाई करने  का सही तरीका How to do proper study

दोस्तो

  • क्या किताब लेकर उसे रात-दिन पढना चाहिए?
  • क्लासेस ही लगाना चाहिए?
  • पढाई के लिए भगवान की आराधना करनी चाहिए या बच्चे का दिमाक पढाई मे लगने के लिए उसे’’बाबाजी’’ के पास लेकर जाना चाहिए?
  • जोर-जोर से पढना चाहिए?
  • समझके बाहर होने की वजह से रजाई लेकर सोना चाहिए?

आखिर, कैसे पढे? The Right Way to Study सबसे बढा तथा महत्त्वपूर्ण सवाल है.

Read it through this story :

किसी आश्रम मे एक ऋषी रहते थे बडे ही दयालू और शांत स्वभाव के थे, उसी आश्रम के पडोसी गाॅव में एक किसान रहता था. अपने बच्चेके भविष्य के बारे मे वे बडे ही चिंतित थे. एक दिन वह किसान अपने लडके को लेकर आश्रम गए और ऋषी से बोला- ’’ ऋषी महाराज! मेरे बेटे को पढाई मे आगे बढाना है.

आप मेरे बेटे के सरपर हात रखकर उसे आशीर्वाद दिजिए, ताकी वह अपने पढाई के मार्ग मे आगे बढे. ’’ ऋषी ने उनकी ओर सिर्फ देखे और अपने काम मे व्यस्त हुये. लडका भी शांत स्वभाव और बहुत ही भोला था ऋषी की प्रशंसा उसने भी सुनी थी. थोडी हिम्मत करके वह ऋषी से बोला- ’’ महाराज, क्या आप मुझे मेरे भविष्य के लिए कोई मार्ग बतायेंगे? मुझे मेरे एक विषय का एक भाग समझ मे ही नही आ रहा.

क्या आप मुझे वह समझायेंगे?’’ जो भाग लडके की समझ के परे था, वह भाग अँग्रेजी मे था, यह भाषा तो ऋषी को भी नही समझती थी. ऋषी महाराज सिद्धी के ज्ञान मे मशहूर थे,अँग्रेजी मे नही। किंतू वे बडे ही होशियार थे. उन्होंने लडके की ओर देखे और मंद-मंद मुस्कुराकर बोले, ’’ बेटा, आप यह भाग पढिए, शांती से और अपने मन-ही-मन पढिए मै उसे सुन लूँगा.

मन को शांत करे : The Right Way to Study

’’ लडका बहुत ही भोला था, उसे लगा, महाराज दिल और मन की बात सुनते है. लडके ने शांतीसे और एकाग्र होकर मन-ही-मन वह भाग पढा, भाग पढकर होने के बाद वह ऋषी से बोला, ’’ महाराज, मेरा भाग पढकर हुआ।’’ ऋषी बोले, ’’ मैने सुना, बेटा’’ ऋषीने लडके से कहा- ’’ बेटा, मै थोडे काम मे हूँ.  आप उस भाग को मेरा काम होने तक जितनी बार हो सके, पढिए, लडका आज्ञाकारी था.

वह फिरसे एकाग्र मन से पढने लगा, दो- चार बार पढने के बाद उसे वह भाग समझ मे आ गया. वह ऋषी से बोला- ’’ महाराज! आप मुझे क्या समझाना चाहते थे, यह मै अच्छेसे समझ गया. धन्यवाद महाराज’’ इसपर ऋषी बोले, ’’ बेटा, आपकी समस्या का हल आपके पास ही होता है, न-की किसी महाराज के पास.

शांतता और अपने मन को यदी एकाग्र कर के आप किसी समस्या का हल निकालते होतो आपको खुद ही रास्ता मिल जाएगा. ’’ लडका महाराज की बात बडी ही खुबी के साथ समझ गया था. महाराज का आशीर्वाद लेकर किसान और उसका बेटा आश्रम से चले गये.

इस कहाणी का तात्पर्य ऐसा है

’’ यदी हमे किसी समस्या का हल नही पता होता, तो सबसे पहले शांती से उस समस्या को समझ ले, शांती और सकारात्मक विचार करके हर समस्या का हल आपको मिल ही जाता है.’’

वैसे ही पढाई के बारे मे कहाॅ जाये तो ’’ यदी आपको कोई भाग नही समझता , तो उसे एकाग्र मन से पढिए. एक बार, दो बार, तिन बार—- जबतक आपको नही समझ मे आता तबतक उसे पढिए.

शांतता और एकाग्र मन से यदी आप किसी भाग को पढते हो, तो वह भाग आपकी समझ मे आ ही जाता है. ’’ किंतू, आज की भागदौड भरी जिंदगी मे हम ’’रेडिमेट मटेरिअल’’ ही चाहते है. आज भी बहुत- से बच्चे पढाई मे पिछे है.

भले ही वे बडी-बडी स्कूल मे पढते हो, लेकीन दिमाक उनके खाली ही है. सालभर मस्ती मे ही रहते हैऔर परीक्षा के चॅंद दिनो मे ’’ रात का शो’’ करते है. किसीकी बुद्धी तल्लख होने की वजह से उन्हे जल्द ही समझ मे आता है. लेकीन, क्या हर किसी-की बुद्धी तल्लख ही होती है?

परीक्षा मे बच्चे अनुत्तीर्ण, फेल क्यूँ होते है? The Right Way to Study 

इसका एक सरल जवाब है- वे पढाई को मजाक समझते है, ऐसे बच्चोंके लिए कुछ खास……….

  • दिनभर मस्ती, रात मे सोना.
  • दोस्तोंके साथ घुमने जाना.
  • फिल्म के चक्कर मे पढाई खोना.
  • परीक्षा के समय पर सरदर्द से रोना.

किसी काम के लिए आपके पास पुरा साल है, लेकीन आप उसे थोडा-थोडा करनेके अलावा एक साथ ही करने को देखते हो. एक साथ खाने देखोगे , तो उसका परिणाम भी आप खुद ही जानते ही हो. लेकीन आप जान के भी अंजान बनते हो और अपना सुनहरा मौका गॅंवाते हो. मेरे प्यारे दोस्तो, पढाई करने का तरीका बिलकुल आसान है. अगर इसे अपनाये तो खुशहाली ही खुशहाली है, नही तो सरदर्द तो होगा ही.

Some study tips : The Right Way to Study

दोस्तो, आजतक जितने भी पढाई मे सफल हुये है, उन्होंने एक ही सिद्धांत बताया, एक ही मंत्र बताया- ’’ मन की एकाग्रता, जिद्द और लगन से पढे या कोई भी कार्य करो तो वह सफल ही होता है. ’’ कैसे पढे? – आप सबके लिए सबसे कठिण सवाल है.

  • सबसे पहला और आसान तरीका है, स्कूल मे आज जितने पिरीयड हुये, आपको जितना पढाया गया, घर जाकर पहले उतना ही पढिए.
  • दुसरे दिन, जितना पढाकर हुआ, उसे पढनेसे पहले कल का भाग पहले पढो, उसके बाद ही आज की पढाई को पढो.
  • तिसरे दिन भी ऐसे ही करना, पहले दो दिन की पढाई पहले पढना, उसके बाद ही तिसरे दिन का भाग पढिए.

इसका अर्थ ऐसा है- आज की पढाई को करने से पहले उसके पहले की पढाई को एक बार पढो.

ऐसा करने-से आपको क्या लाभ हो सकता है?
  • इसतरह से पढाई करने से आप का रोज सराव होते जायेगा, पिछे का भाग भी आपको हमेशा के लिए याद हो जायेगा.
  • थोडा-थोडा पढने-से ही हमारा समयपर पढने का बोझा भी कम होता है और परीक्षा के समय हमारा सरदर्द भी नही होता.
  • जो भाग आपकोबार-बार पढने पर भी नही समझ मे आता, तो ऐसे भाग कोएक चार्ट मे उतारकर आपके पढाई के रूम मे लगाईये या ऐसी जगह लगाईये, जहा आप का ध्यान उसपर जा सकता है.

इस तरह के उपाय से आपको क्या लाभ होगा? दोस्तो, यदी आप बार-बार किसी भाग को देखते हो तो एक दिन वह भाग आपको बिना किसी सरदर्द से ही समझ मे आता है. और वह भाग आपको इसतरह समझ मे आता है की आपकोवहा का हर एक शब्द कहा और कैसे लिखा गया था, कौन-सा सूत्र कैसेबनाया गया था, यह सभी बाते आपको बिना किसीके समझाने से ही समझ मे आयेगी और आपको इसके लिए किसीको पैसा भी नही देना पडेगा.

शिक्षा क्षेत्र के मेरे सभी दोस्तो से मेरा नम्र निवेदन है की, वे पढाई का मजाक न बनाये. आप पढाई का मजाक बनाओगे तो एक दिन वह भी आपका इसकदर मजाक बनायेगी , की आप उस सदमे से कभी बाहर ही नही निकल पाओगे.

यह भी पढ़े :

कहते है की

’’ करत – करत अभ्यास से जडमति होय सुजाण.’’

’’ धिरे- धिरे आगे बढने से ही मंजिल तक पहुँचने का रास्ता आसान नजर आता है.’’

आजतक जितने भी सफल हुये, इसके पिछे उनकी एक दिन की मेहनत नही थी.

’’ कुछ अच्छा पाने के लिए कुछ खोना पडता है. ’’ यह तो आप सभी जानते ही है.

इसलिए, दोस्तो! निरंतर अपना कार्य किजिए, एक दिन आपको आपकी मंजिल मिलकर ही रहेगी.

’’तुफान के डर से यदी दर्यावर्दी नाव को चलाने के लिए डरे, तो वह समुंदर मे कभी नाव चला ही नही सकता. उसी प्रकार हम सभीका है दोस्तो, एक समस्या के डर की वजह से यदी हमने आगे बढना छोड दिया तोहम अपनी मंजिल तक नही बढ सकते.’’

समस्या हमारे सच्चेमित्र है, यही हमे जिवन मे आगे बढने का मूलमंत्र बताते भी है और सिखाते भी है. आप को यदी हर बात बिना किसी संघर्ष से मिले तो आपको जिवन का अर्थ नही समझेगा. आपके जिवन मे अचानक से कोई समस्या निर्माण हुई तोआप उसे सुलझाने के अलावा डर के मारे हार मान लोगे इसिलिए, हर वक्त के लिए खुद को तयार रखिए, समय का सदुपयोग किजिए.

आपके आनेवाले सुनहरे कल के लिए आपके इस दोस्त की ओर से ढेरो सुभकामनाए.

यह भी पढ़े :

Leave a Reply

https://www.videosprofitnetwork.com/watch.xml?key=bbfecdcc01b94dfff0b88620d1e44491
error: Content is protected !!