What is spinal infection? | स्पाइनल इन्फेक्शन क्या है?

नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आज हम आपको स्पाइनल इन्फेक्शन के बारे में जानकारी देंगे, यानी आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएँगे कि स्पाइनल इन्फेक्शन क्या है, तो चलिए जानते हैं Spine problems in hindi, Spine meaning in hindi.

(Spinal cord infection is contagious) रीढ़ की हड्डी में संक्रमण संक्रामक है, (are spinal infections deadly) प्राणघातक संक्रमण घातक हैं, (What is spinal infection) स्पाइनल इन्फेक्शन क्या है, (What can cause a spinal infection) क्या एक रीढ़ की हड्डी में संक्रमण पैदा कर सकता है, (can a spinal infection kill you?) क्या स्पाइनल इंफेक्शन आपको मार सकता है?, (A spinal infection may return) एक रीढ़ की हड्डी में संक्रमण वापस आ सकता है, (How is a spinal infection?) स्पाइनल इन्फेक्शन कैसे होता है?, (How is spinal infection treated?) स्पाइनल संक्रमण का इलाज कैसे किया जाता है?,  (What is spinal fluid infection?) स्पाइनल द्रव संक्रमण क्या है? (What is spinal cord compression) – स्पाइनल कॉर्ड कम्प्रेशन क्या होता है.

What is spinal infection? | स्पाइनल इन्फेक्शन क्या है?

स्पाइनल संक्रमण का इलाज कैसे किया जाता है

स्पाइनल इंफेक्शन रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइनल कॉर्ड होता है.  रीढ़ की हड्डी के संक्रमण का आसानी से पता नहीं चल पाता है, इसलिए बार-बार बैठने के मामले में इन लक्षणों को अनदेखा न करें.  दोस्तों, ऐसे ही एक युवक को रीढ़ की हड्डी की समस्या थी, लेकिन समय से पहले ध्यान न देने के कारण उसकी परेशानी बढ़ गई और दोस्तों, वह लड़का केवल 32 साल का था, हमने उस लड़के की पहचान गोपनीय रखी है.  दोस्तों, एक 32 वर्षीय युवक कमर दर्द से बुरी तरह से परेशान था, उसकी पीठ की मुहमेंट पूरी तरह से रुख गयी थी. आराम करने और दवा लेने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हो रहा था, 6 सप्ताह से उनका वजन तेजी से घट रहा था जब उसे पीठ में दर्द था.

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लड़के ने डॉक्टर को अपनी समस्या के बारे में बताया और डॉक्टर ने लड़के को एक्स-रे निकलने के लिए कहा, लड़का एक्स-रे लेकर डॉक्टर के पास गया, लेकिन एक्स-रे में कुछ भी पता नहीं चला,  तब डॉक्टर ने उन्हें रक्त परीक्षण करने के लिए कहा, जब रक्त की रिपोर्ट आई, तो पाया गया कि लड़के की रीढ़ की हड्डी पूरी तरह से संक्रमित हो गई है और कोशिकावो  के आसपास  मवाद भर गया है.  इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत स्पाईनल ब्रेसेस लगवाने की सलाह दी गई और प्रभावित हिस्से में सिटी गाइडेड बायोप्सी की गयी 6 हफ्ते के लिए एंटीबायोटिक खाने, बेड रेस्ट करने और स्पाईनल ब्रेसेस के साथ मूमेंट करने की सलाह दी गई हालाकि नियमित जांच के दौरान यह भी नोटिस किया गया की उसकी रीढ़ की हड्डी सिकुड़ रही थी.

इलाज कैसे करे : spine problems in hindi

उसी की वजह से मरीज के टांगो ब्लैडर और आंतो पर भी असर पड़ रहा था, इस से नजात पाने के लिए तुरंत सर्जिकल ट्रीटमेंट की जरूरत थी. न्यूरोलॉजील कम्प्रेशन को दूर करने और साथ ही में मेडिकल स्क्रू और रोड्स की मद्त से स्पाईनल को स्थिर बनाए रखने के लिए लड़के की सर्जरी की गई इस का मकसद दर्द को दूर करना, मरीज को विकलांग होने से बचाने और रीढ़ के हड्डी आकार को ज्यादा विकृत होने से रोकना भी था. सर्जरी के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ उस का दर्द भी पूरी तरह दूर हो गया था.

क्या है स्पाईनल इंफेक्शन

दोस्तों स्पाईनल इंफेक्शन क्या होता है यह जानना हमारे लिए बहुत जरुरी है. दोस्तों स्पाईनल इंफेक्शन एक तरह का रेयर इंफेक्शन है जो रीढ़ की हड्डियों के बिच मौजूद डिस्क स्पेस कशेरुकाओं और स्पाईनल स्पाईनल कैनाल या उसके आस पास के सोफट टिशूज को प्रभावित करता है, आमतौर पर यह इंफेक्शन बैक्टीरिया की वजहसे ही होता है और रक्तवाहिकाओं के जरिए यह बैक्टीरिया रीढ़ की हड्डी तक फ़ैल जाता है जिस से डिक्स और उसके आस पास के हिस्से में इंफेक्शन होने लगता है और डिसाइटिस होने का खतरा होता है.

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डिसाइटिस भी एक तरह का इंफेक्शन ही है जो रीढ़ के अंदरूनी डिक्स में होता है जैसे जैसे वो इंफेक्शन बढ़ने लगता है डिक्स के बिच के स्पेस कम होने लगती है और डिक्स के डिज़ोल्व होते रहने के वजहसे इंफेक्शन डिक्स स्पेस के ऊपर और निचे की तरफ शरीर के अन्य अंदरूनी हिस्से में भी फैलने लगता है ऑस्टियोमाइलाइटिस हो जाता है. यह एक तरह का हड्डियों का इंफेक्शन ही होता है जो बैक्टेरिया या फंगल आर्गेनिज्म की वजहसे होता है.

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इंफेक्शन की वजह से कमजोर हो रही हड्डी के टूटने या उसका आकार बिगड़ने का खतरा भी रहता है. कुछ मामलो में इंफेक्शन या उसकी वजह से टूट रही हड्डी नसों या स्पाईनल कॉड की तरफ घसने लगती है जिस की वजहसे शरीर में कमजोरी आने, बेहोसी आने, झनझनाहट होने से, तेज दर्द होने से और ब्लैडर डिस्फक्शन न्यूरो लॉजीकल लक्षण भी नजर आने लगते है. इंटरवर्टिबल डिक्स स्पेस में इंफेक्शन है जिसे इन तीन अपश्रेणियोमे बाटा जा सकता है.

What is spinal : Spine Meaning in Hindi
  • स्पाईनल कनाल इंफेक्शन
  • सॉफ्ट टिशूज में इंफेक्शन
  • मस्तिक आवरण में इंफेक्शन

स्पाईनल कनाल इंफेक्शन : दोस्तों स्पाईनल कनाल में इंफेक्शन होने के बाद रीढ़ के बहारी हिस्से में फोड़ा होता है जिस हम स्पाईनल एपीड्यूरल एब्सेस कहते है और इस के साथ ही सबड्यूरल एब्सेस इंट्रॉमेड्यूलरी एब्सेस होते है.

सॉफ्ट टिशूज में इंफेक्शन : दोस्तों सॉफ्ट टिशूज में इंफेक्शन में सर्वाइकल और थोरेसिक पैरास्पाईनल लिजंस, लंबर पीएस ओएस मसल एब्सेसेज.

मस्तिक आवरण में इंफेक्शन : दोस्तों मस्तिक आवरण में इंफेक्शन में मस्तिक के आवरण की जिलियो में इंफेक्शन होता है.

स्पाइनल इंफेक्शन के कारण – Causes of spinal infection

कुछ परिस्थितियॉ स्पाईनल इंफेक्शन से पीड़ित मरीज की रोग-प्रतिरोधक क्षमता पर काफी प्रभाव डालती है और मरीज की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कम करने वाली दवा का इस्तेमाल, कुपोषण, ओर्गंस, ट्रांसप्लांट की हड्डी नसों के जरिए लिए जाने वाले नशीले पदार्थो के सेवन जैसी परिस्थितियॉ शामिल है. स्पाईनल इंफेक्शन स्टेफिलोकौकस ओरियन बैक्टीरिया की वजह से होता है जो आम तौर पर हमारे शरीर के स्किन में रहता है इसके अलावा ई – कोलाई बैक्टेरिया इस से भी यह इंफेक्शन हो सकता है.

ज्यादातर स्पाइनल इंफेक्शन लंबर स्पाइन यानि रीढ़ की हड्डी के बिच पैल्विक इंफेक्शन यूरिनरी या ब्लैडर इंफेक्शन, निमोनिया या सॉफ्ट टिशूज इंफेक्शन में होते है. नसों के जरिए लिए जाने वाले नसे से संभंधित इंफेक्शन में ज्यादातर गर्दन या सर्वाकल स्पाइन प्रभावित होते है.

स्पाइनल लक्षणों को कैसे पहचानें – How to recognize spinal symptoms

वयस्कों के स्पाईनल इंफेक्शन बहुत धीमी गतीसे फैलता है और इसी की वजह से उसके लक्षण बहुत कम नजर आते है जिस के कारण काफी देर से इसका पता चलता है. कुछ मरीजों को तो डायग्नोज किए जाने के कुछ हफ्ते या महीनो पहले ही इस के लक्षणों का एहसास होना सुरु हो जाता है इस की लक्षण आम तौर पर गर्दन या पीट के किसी हिस्से में टिंडरनेस आने के साथ सुरु होते है और निरंतर दवा लेने और आराम दवा लेने और आराम करने के बावजूद मूमेंट करते वक्त महसूस होने वाला दर्द कम नहीं होता बल्कि बढ़ जाता है. इंफेक्शन बढ़ने पर बुखार होना, कपकपी आना, या तेजीसे वजन कम होना आदि लक्षण भी दिखाई देने लगते है.

हलाकि ये सामन्य लक्षण नहीं है जो हर मरीज में खासतौर पर लंबे समय से बीमार चल रहे मरीज में दिखाई देते है. सुरवात में मरीज को पीठ में बहुत तेज दर्द होने लगता है जिसके कारण शरीर का मूमेंट भी सिमित हो जाता है आमतौर पर स्पाईनल इंफेक्शन का पता लगाने की सुरवात एक्सरे से होती है.

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Postscript  – परिशिष्ट भाग 

लेख का शीर्षक  – What is spinal infectionस्पाइनल इन्फेक्शन क्या है

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